उसके आधे शरीर में पैरालिसिस है, आर्थिक स्थिति भी बहुत कमजोर है। हालात यह है कि वह मिट्टी के बर्तन बेचकर अपना गुजारा करते हैं, लेकिन इसके बावजूद इस खिलाड़ी ने कभी हिम्मत नहीं हारी और देश के लिए ओलंपिक में पदक जीतने का सपना देखा।
from Latest And Breaking Hindi News Headlines, News In Hindi | अमर उजाला हिंदी न्यूज़ | - Amar Ujala https://ift.tt/2pOieYz
No comments:
Post a Comment